प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई)

भारतीय संसद, नई दिल्ली

यह योजना 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई थी। इसमें तीन स्तरों पर ऋण प्रदान किए जाते हैं: ‘शिशु’ श्रेणी में रु. 50,000 तक; ‘किशोर’ श्रेणी में रु. 50,000 से 5.0 लाख तक; और ‘तरुण’ श्रेणी में 5.0 लाख से 10.0 लाख तक। इन ऋणों के लिए किसी प्रतिस्थापन की जरूरत नहीं है। इसका उद्देश्य पहली बार उद्यमिता की दिशा में बढ़ने वाले युवा और प्रशिक्षित व्यक्तियों का मनोबल बढ़ाना और मौजूदा छोटे उद्यमों को अपनी गतिविधियों में विस्तार करने में सहायक बनना है। 31 मार्च 2019 तक कुल रु. 3,21,722 करोड़ की मंजूरी दी गई थी, जिसमें 5.99 करोड़ खातों में विभाजित किया गया, ‘शिशु’ के लिए रु. 142,345 करोड़, ‘किशोर’ के लिए रु. 104,386 करोड़, और ‘तरुण’ के लिए रु. 74,991 करोड़।

Information source:
https://financialservices.gov.in/new-initiatives/schemes

image credit:
https://en.wikipedia.org/wiki/Government_of_India#/media/File:New_Delhi_government_block_03-2016_img3.jpg

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